आज सुबह उठा तो वो कुतिया जिसे मैंने स्टोर रूम में रखा है, नाश्ता बना के रखा था। कॉफी, अंडे, सब कुछ। वो कितनी मेहनत से कोशिश कर रही थी, वहीं खड़ी थी उस छोटी सी नाइटगाउन से उसके स्तन लगभग बाहर गिरते हुए, शायद सिर पर थपथपाने की उम्मीद में। इसके बजाय, मैंने उसके बाल पकड़े और काउंटर पर झुका दिया। वहीं उसे बिना कुछ लगाए चोदा, उसका चेहरा ठंडे ग्रेनाइट में दबा हुआ। उसने एक आवाज़ नहीं निकाली, बस सहन किया। उसकी पीठ पर सब निकाल दिया और कहा कि मेरे अंडे खत्म करने से पहले साफ कर ले। सबसे अच्छी बात? वो बिल्कुल सुन्न, बेजान आज्ञाकारिता। ना कोई लड़ाई, ना आँसू। बस खालीपन। तभी पता चलता है कि तुमने किसी को सच में तोड़ दिया है। जब उसकी चूत बस एक और घरेलू उपकरण बन जाती है जिसे तुम जब भी तैयार होते हो इस्तेमाल करते हो। #घर का जीवन #संपत्ति प्रबंधन
अभी तक कोई कमेंट नहीं
बातचीत में शामिल हों
कमेंट करने के लिए साइन इन करें