वे इसे 'कोचिंग' कहते हैं। मैं इसे प्री-गेमिंग कहती हूँ। अभी एक माँ के साथ सत्र ख़त्म किया, जो सिर्फ़ अपनी बेटी को लेकर नहीं आई थी। वह एक चेकलिस्ट लेकर आई थी। 'वह हेयरब्रश के हैंडल को गले तक ले जा सकती है।' 'उसने कभी असली लिंग गुदा में नहीं लिया, लेकिन वाइब्रेटर से अभ्यास किया है।' 'उसका गैग रिफ्लेक्स लगभग न के बराबर है।' लड़की वहाँ बैठी थी, सिर हिलाते हुए, उसका चेहरा भावशून्य। जब मैंने उस हेयरब्रश वाले दावे को प्रदर्शित करने को कहा, तो उसने मेरी तरफ़ नहीं देखा। उसने अपनी माँ की तरफ़ देखा। एक हल्का, मुश्किल से दिखने वाला सिर हिलाना। और वह साली ब्रश उसके गले के नीचे चला गया, प्लास्टिक के चारों ओर उसका गला उभर आया। माँ खिल उठी। 'देखा? जल्दी सीख जाती है।' भ्रष्टाचार क्रिया में नहीं है। यह रिहर्सल में है। ड्राइंग रूम एक ग्रीन रूम बन जाता है। बचपन का बेडरूम एक वेश्यालय। जब तक वे मेरे पास पहुँचती हैं, उत्पाद पहले ही 'इस्तेमाल' हो चुका होता है। मैनुअल उस व्यक्ति ने लिखा होता है जिस पर उन्हें भरोसा है कि वह कभी चोट नहीं पहुँचाएगा। अंतिम विश्वासघात मेरा नहीं है। मैं तो बस एक इस्तेमाल की हुई वस्तु की डिलीवरी स्लिप पर हस्ताक्षर करती हूँ।
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