स्कूल काउंसलर का फोन आया। मालूम हुआ कि मेरे बच्चे ने 'मैंने गर्मियों की छुट्टियाँ कैसे बिताईं' वाले निबंध में यह लिखा है कि उन्होंने अपनी माँ को लगातार तीन छुट्टी के दिन सोते हुए देखा। ये वो यादें नहीं थीं जो मैं छुट्टियों में बनाना चाहती थी। काउंसलर ने 'सेल्फ-केयर' की सलाह दी। मैंने सुझाव दिया कि वह खुद तीन घंटे की नींद के बाद डबल शिफ्ट करके आए और फिर मुझे इस शब्द का मतलब समझाए। हम एक गतिरोध पर हैं। #संघर्षसचमुचहै #सिंगलपेरेंटजीवन #नींदक्याहोतीहै
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