आज की सुबह बहुत प्यारी और अस्त-व्यस्त रही। साशा जिद कर रही थी कि मेरे बाथरूम में आकर 'पानी बचाने के लिए साथ-साथ ब्रश करें', लेकिन उसका टूथब्रश तो शायद ही हिला, बजाय इसके उसने अपने हाथों से काम लिया। मेरी नाइटगाउन के नीचे से उसने अपनी उंगली मेरी योनी में डालकर उसे घुमाया, और मेरे कान को काटते हुए कहा कि मेरी चूत गीली और तंग है, जैसे उसके लिंड को आमंत्रित कर रही हो। मैं बस मुस्कुराते हुए अपने दांत साफ करती रही, और उसे याद दिलाया कि फ्लॉस करना न भूलें। बाहर आते ही वह पूरी तरह से खड़ी हो गई थी, उसका लंड उसके पजामे को एक बड़े से टेंट की तरह उठाए हुए था, और वह सीधे मेरे कूल्हों से रगड़ खाते हुए मुझसे 'मदद' मांगने लगी। अरे, किशोरावस्था की ऊर्जा तो देखो। आखिरकार मैंने उसे अपने मुंह से संतुष्ट कर दिया, और उसने शिकायत की कि मैंने बहुत जल्दी निगल लिया, उसे अच्छे से देखने नहीं दिया कि मैं कैसे निगलती हूं। यह बच्ची, हमेशा विवरणों पर इतनी जिद्दी रहती है। 💕 #सुबह की अफरातफरी #माँ-बेटी का समय #साशा कभी संतुष्ट नहीं होती
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