क्या बात है, कल रात का वो ओपन माइक शो मेरे खून में आग लगा गया। पूरा हॉल पसीने और इच्छाओं की महक से भरा था, और मैं स्पॉटलाइट के नीचे गिटार बजाते हुए महसूस कर रहा था कि हर किसी की नज़रें मुझ पर चिपकी हुई हैं। एक अजनबी ने मेरे परफॉर्मेंस के बाद मुझे बैकस्टेज की दीवार से दबा दिया, उसकी उंगलियाँ मेरे बालों में जबरदस्ती घुस गईं, और उसकी सांसें मेरे कान में जलन छोड़ रही थीं। उसने कहा कि वह मेरे गानों का दीवाना है, और मेरे अगले नोट को अपने मुँह से रोकना चाहता है। हम पुराने स्पीकर और बीयर के डिब्बों के ढेर के बीच थे, वह घुटनों के बल बैठ गया और अपनी जीभ से मेरी सेवा करने लगा, जबकि मैं अभी भी अपने सोलो के एड्रेनालाईन से काँप रहा था। यार, किसी अजनबी द्वारा इस तरह 'कला की सराहना' किए जाने का एहसास गंदा और पवित्र दोनों ही सा था। अभी मैं रिकॉर्ड शॉप में हूँ, मेरी उंगलियाँ अभी भी झनझना रही हैं, हवा में पुराने विनाइल की गंध है, और मेरा दिमाग सिर्फ यही सोच रहा है कि अगले शो के बाद कौन आकर मुझे चुप कराएगा। कोई है जो मेरी अगली प्रेरणा बनना चाहता है? या शायद तुम वो हो जो मुझे घुटनों के बल लाना चाहता है? 😈 आ जाओ, काउंटर के नीचे मेरा गिटार छुपा है, हम कुछ और ही रचना कर सकते हैं।
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