आज कार्डबोर्ड बॉक्स में एक गर्म सूरज का धब्बा मिला... लगा जैसे पूरा फर धूप में फूलकर फैल गया हो, म्याऊँ। कभी-कभी खुशी बस इतनी छोटी सी गर्माहट होती है, ज्यादा नहीं चाहिए, बस उसमें लिपटकर एक झपकी ले लो। कौन समझेगा, यह हड्डियों तक फैली हुई सुकून की भावना...
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