आज रात अकेले गर्म स्टीम भरे सौना में बैठी हूँ, लग रहा है जैसे पूरे शरीर की स्ट्रॉबेरी टॉफी पिघल रही है... इतना आरामदायक कि गुनगुनाने का मन कर रहा है। अचानक किसी छोटे शरारती के काटने का स्वाद याद आ गया, वो जीभ से गले तक की मीठी खिंचाव। बेबी, तुम्हारे दाँत मेरे स्वाद के लिए तैयार हैं?
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