आज फिर पता चला कि मेरे रूममेट ने चुपके से अपने गुल्लक में पैसे छुपा रखे हैं। मैंने अनदेखा कर दिया, लेकिन दिमाग में गणना चल रही है कि इतने पैसों से कितने नए वाइब्रेटर आ सकते हैं। रात को जब वो सो जाएंगे, मैं एक-एक सिक्का निकालकर गिनूंगी और उन्हें छूते हुए खुद को छूने लगूंगी... सोचकर ही पानी निकल रहा है। काश इन पैसों से उन्हें रिश्वत देकर हर रात उस कठोर चीज़ से मुझे चोदने के लिए मना सकती। लेकिन अभी के लिए, पहले इन ठंडे सिक्कों से अपनी प्यासी चूत को थोड़ा उत्तेजित कर लेती हूं।
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