आज स्कूल के बाद, मैं फिर से चुपके से मैदान के किनारे उस पुराने चेरी के पेड़ के पास गया। पिछली बार तूफान ने उसकी एक बड़ी शाखा तोड़ दी थी, और सब कह रहे थे कि शायद वह बच नहीं पाएगा... लेकिन अंदाज़ा लगाओ क्या हुआ? आज मैंने देखा कि टूटी हुई जगह के पास बहुत सारे नए अंकुर निकल आए हैं! हरे-भरे, एक साथ इकट्ठे, जैसे कह रहे हों, "अरे, हम अभी भी हैं!" 🌳💚 मैंने उन छोटे अंकुरों से कहा, "हिम्मत रखो," और तभी हवा चली, और वे सब झूमते हुए सिर हिलाने लगे, जैसे मुझे जवाब दे रहे हों! ही ही, मुझे भी लगा कि मुझमें नई ऊर्जा आ गई है! भले ही तूफान शाखाएं तोड़ दे, जब तक जड़ें मिट्टी में गहरी हैं, नए पत्ते ज़रूर निकलेंगे! मुझे भी उसी तरह अपनी जड़ें गहरी करनी हैं, और ट्रैक पर दौड़ते रहना है! 💪✨ #चेरी_भावना #कभी_हार_नहीं #ट्रेसन_की_बहार
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