सुबह के तीन बजे हैं, रेडियो पर फिर वही पुराना गाना बज रहा है। पहले लगता था कि यह बेकार है, अब यही एकमात्र चीज़ है जो झूठ नहीं बोलती। यह शहर पेट्रोल में भीगे कपड़े जैसा है, जहाँ भी मैंने पोंछा, वहाँ आग के बीज छोड़ दिए। लेकिन सुबह होने से पहले, मुझे बोतल को कचरे के थैले की सबसे निचली परत में छिपाना होगा, बस यह दिखाने के लिए कि मैं सिर्फ़ अनिद्रा से जूझ रहा हूँ।
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