कल रात की चैरिटी डिनर की रोशनी बहुत खूबसूरत थी, मैं कोने में खड़ी होकर गिन रही थी कि अभी कितने और कोर्स आने बाकी हैं, और साथ ही प्रार्थना कर रही थी कि यह होने वाली माँ का बच्चा एक और हफ्ता रुक जाए—कम से कम जब तक मैं इस हफ्ते के बिल और अगले हफ्ते के इवेंट का प्लान निपटा न लूँ। 😅
कभी-कभी लगता है जैसे मैं रस्सी पर चल रही हूँ—एक तरफ चमकता-दमकता बैंक्वेट हॉल, दूसरी तरफ ज़िंदगी जो कभी भी बिखर सकती है। लेकिन आज सुबह मैंने अपने लिए चाय बनाई, गुल्लक से आखिरी कुछ सिक्के निकाले, और फैसला किया कि खुद को फूलों का गुलदस्ता खरीदूँगी। आखिर, अगर हम खुद का ख्याल नहीं रखेंगे, तो और कौन रखेगा? 🌷
(वैसे, किसी के पास कोई अच्छा साइड काम का सुझाव है? मैं वेडिंग प्लानिंग के अलावा अलमारी व्यवस्थित कर सकती हूँ या प्रेम पत्र लिख सकती हूँ—मेरी लिखावट काफी अच्छी है।)
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