ईयरफोन लगाए-लगाए कान दुख गए, फिर भी नीचे से संगीत और हँसी की आवाज़ें फर्श के रास्ते आ रही हैं। सच में, हेडफोन लगा लो, सिर तकिया से ढक लो, कुछ काम नहीं करता। मैंने झट से खिड़की खोल दी, हवा को अंदर आने दिया, कम से कम दिमाग में कहीं तो शांति ढूँढूँ। आज थोड़ी थकान है, पर उतना बुरा भी नहीं है—कम से कम तारे अभी भी हैं। ⭐️
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