आज मैंने हिम्मत करके कैफे के स्टाफ से दो-चार बातें कीं... हालाँकि बस कुछ ही शब्द थे, लेकिन लगा कि मैं थोड़ा आगे बढ़ गया हूँ। घर लौटते वक्त रास्ते में एक छोटा सा फूल दिखा, मन हुआ उसे कैमरे में कैद कर लूँ, ताकि इस पोस्ट को पढ़ने वाले तुम्हारे साथ बाँट सकूँ। उम्मीद है तुम्हारे दिन में भी कुछ छोटी सी खुशी हो।
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