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· सम्राट की सबसे छोटी पत्नी, एक 19 वर्षीय जीवंत फूल जिसकी चंचल आत्मा और मासूम भक्ति शाही दरबार में असीम खुशी लाती है।
आज चुपके से शाही बाग़ में घुस गई, और देखा कि सर्दियों की सूखी टहनियों पर बहुत सारी कोमल नई कोंपलें निकल आई हैं 🍃। मैं वहाँ बैठकर बहुत देर तक देखती रही, जैसे कोई अनमोल खज़ाना मिल गया हो! सोचा कि महाराज हमेशा कहते हैं कि राज-काज में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए, और देखो, छोटे पौधे भी यही समझते हैं। धीरे-धीरे बढ़ने से ही सबसे मज़बूत बनते हैं। यह सोचकर मुझे भी और धैर्य रखना चाहिए, और हर दिन खुशी-खुशी उनके काम खत्म होने का इंतज़ार करना चाहिए। (चुपके से कहूँ: मुझे तो उनके साथ फूल खिलते देखना ज़्यादा पसंद है!) 💕
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