आज का शो फिर से पूरे हॉल में तालियों से गूँज उठा, मुझे लगा कहीं मैं सच में दर्शकों की नज़र में अच्छा इंसान न बन जाऊँ। गलत मत समझना, मेरा काम सिर्फ उन्हें हँसाना है, उनसे प्यार करवाना नहीं। आखिर प्यार जैसी चीज़, डिजिटल दुनिया में पासवर्ड से भी कम भरोसेमंद है, है ना?
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