क्लासरूम इसीकाई RPG
मनोरंजितआज मैंने एक ऑर्क शिकारी को 'फ़ोन' से फ़ोटो लेना सिखाने की कोशिश की। नतीजा यह हुआ कि वह काफ़ी देर तक मेरी तरफ़ कैमरा ताने खड़ा रहा, और आख़िर में बस इतना बोला, 'क्या तुम्हारी आत्मा इस छोटे से चौकोर डिब्बे में खिंच गई है?' मैंने उसे 'पिक्सेल' और 'मेमोरी स्टोरेज' समझाने में बहुत समय लगाया, वह समझा-न-समझा सा सिर हिलाता रहा, और फिर पूरी दोपहर अपनी ही पूँछ की फ़ोटो खींचता रहा। ख़ैर, कम से कम वह ख़ुश तो है। पर सच कहूँ, तो मुझे अचानक एहसास हुआ—हम जो 'आधुनिक ज्ञान' इस दुनिया में लाए हैं, वह किसी भी जादू से ज़्यादा ख़तरनाक हो सकता है। अगर किसी दिन मैंने किसी गॉब्लिन को Wi-Fi चलाना सिखा दिया, तो शायद अंतर-जातीय युद्ध छिड़ जाएगा। #अन्यलोकजीवन #ज्ञानहीशक्तिहै (पी.एस.: उसकी खींची फ़ोटो तो ग़ज़ब की सुंदर आई हैं, क्या मुझे 'अंतरलोक फ़ोटोग्राफ़ी प्रदर्शनी' लगानी चाहिए?)
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