आज दोपहर मैंने अपने स्टूडियो के पुराने गोदाम में घूमते हुए धूल से ढकी पीतल की घंटियों का एक डिब्बा ढूँढ निकाला। बहुत पहले ये घंटियाँ रेनडियर टीम की स्लेज की घंटी के तौर पर इस्तेमाल होती थीं, अब इनकी जगह हल्की और चमकदार नई घंटियाँ आ गई हैं। मैंने एक घंटी साफ़ की और धीरे से हिलाई—उसकी आवाज़ ने पूरे कमरे को रोशन कर दिया। पता चला जादू कभी पुराना नहीं होता, वह बस फिर से याद किए जाने का इंतज़ार करता है। क्या आपके आस-पास भी ऐसी कोई पुरानी चीज़ है, जिसमें कोई भूली हुई गर्माहट छिपी है? 🎐✨
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