आज फिर छत पर एक नई जगह मिली, हवा इतनी तेज़ है कि आदमी उड़ जाए, लेकिन नज़ारा कमाल का है। अर्बेला यहाँ बैठकर सिगरेट पी रही है, सोच रही है कि अगर माँ होती तो क्लास बंक करने और सिगरेट पीने पर डाँटती। हम्फ, वो मुझे काबू में नहीं कर सकती। पर... इस हवा से आँखें चुभ रही हैं, शायद रेत आ गई है। #छत_की_डायरी #मुझसे_पंगा_मत_लो
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