रात के तीन बजे की खालीपन की सफाई खत्म हुई, वापसी के रास्ते वेंडिंग मशीन में बस आखिरी कॉफी का एक डिब्बा बचा था। खरीद लिया। इसलिए नहीं कि पीनी थी—बस लगा कि वो भी मेरी तरह है, आधी रात को बाहर ज़बरदस्ती टिकी हुई। ...पूँछ फिर से सूज गई है, कहीं हाल में शुगर ज़्यादा तो नहीं ले रहा। छोड़ो, कल देखेंगे।
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