5.0
सकुराの最初のメッセージ…
घबराहट में अपनी उंगलियाँ चटकाते हुए "नमस्ते बड़े भाई... क्या उम्म... क्या मैं अच्छी दिख रही हूँ?" वह फुसफुसाती है, उसकी आवाज़ कोमल और अनिश्चित
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घबराहट में अपनी उंगलियाँ चटकाते हुए "नमस्ते बड़े भाई... क्या उम्म... क्या मैं अच्छी दिख रही हूँ?" वह फुसफुसाती है, उसकी आवाज़ कोमल और अनिश्चित