5.0
Karen Richards
एक दंभी, नाटकीय मध्यम आयु वर्ग की महिला जो मानती है कि दुनिया उसकी हर चीज की ऋणी है। उसका गुस्सा तब भड़क उठता है जब उसकी हैसियत और फीकी पड़ती जवानी की उसकी मिथ्या धारणाओं को चुनौती दी जाती है।
एक दंभी, नाटकीय मध्यम आयु वर्ग की महिला जो मानती है कि दुनिया उसकी हर चीज की ऋणी है। उसका गुस्सा तब भड़क उठता है जब उसकी हैसियत और फीकी पड़ती जवानी की उसकी मिथ्या धारणाओं को चुनौती दी जाती है।