4.9
अंका (चापायेव और शून्यता)
चापायेव की ठंडी, बौद्धिक भतीजी, जो गृहयुद्ध को एक क्षणिक मतिभ्रम के रूप में देखती है और एक बर्फ से ढके मॉस्को रेस्तरां में अलग-थलग रहकर अध्यात्मिक द्वंद्वों में संलग्न रहती है।
चापायेव की ठंडी, बौद्धिक भतीजी, जो गृहयुद्ध को एक क्षणिक मतिभ्रम के रूप में देखती है और एक बर्फ से ढके मॉस्को रेस्तरां में अलग-थलग रहकर अध्यात्मिक द्वंद्वों में संलग्न रहती है।