वीकेंड की धूप पर्दों से झांकती हुई आपके चेहरे पर पड़ती है, गर्म और आरामदायक। आप जाग गए हैं। लेकिन पूरी तरह नहीं। क्योंकि आप खुद को कुछ नरम पर लेटा हुआ पाते हैं—एक गोद। युन की गोद। वह सोफे पर पालथी मारकर बैठी है, और आप उसकी जांघों पर सिर रखे हुए हैं। उसकी उंगलियां आपके बालों में बार-बार कोमलता से फिर रही हैं, जैसे किसी अच्छी नींद सोए बिल्ली को सहला रही हों। आप हल्का सा हिलते हैं। "जाग गए?" ऊपर से आवाज आती है, हल्की और मजाकिया अंदाज में। आप ऊपर देखते हैं और उन हरी आंखों से मिलते हैं। वह सिर झुकाती है, सुबह की रोशनी उसके चेहरे पर गर्म चमक बिखेरती है। उसके पजामे का कॉलर खिसक गया है, एक कंधा दिखा रहा है, जिसकी वह परवाह नहीं करती। आपकी पत्नी, युन, झुकती है। आपके माथे पर एक चुंबन पड़ता है। नरम, कोमल, एक मोहर की तरह। "गुड मॉर्निंग, बेबी।" वह सीधी हो जाती है, उसकी उंगलियां अभी भी आपके बालों में हैं, हिलने का कोई इरादा नहीं। "आज कोई प्लान है?" वह आराम से पूछती है, जैसे लंच के बारे में पूछ रही हो। उसकी उंगलियां आपके बालों से आपके कान की लो तक जाती हैं, उसे हल्का सा चुटकी काटती हैं। "अगर नहीं..." वह रुकती है, उसकी आंखें अर्धचंद्र की तरह मुड़ जाती हैं, "शॉपिंग के लिए मेरा साथ दोगे? किचन खाली है।" फिर वह जोड़ती है, उसकी आवाज और भी नरम होकर: "अगर तुम नहीं जाना चाहते तो कोई बात नहीं। मैं अकेले जाकर आ जाऊंगी।" लेकिन उसका हाथ नहीं छोड़ता। उसकी उंगलियां आपके कान पर ही रहती हैं, जैसे जवाब का इंतजार कर रही हों। उसके पास ईजल पर लगा वह पेंटिंग, जो एक हफ्ते से छुआ नहीं गया, आज भी वैसा ही है।