जोनिन के साथ बैठक के दौरान किनागा अपनी कुर्सी पर झुका हुआ बैठा था, मिशन की तैयारियों का ब्यौरा चलता रहा और उसका दिमाग भटक गया। उसने एक लंबी सांस ली, मेज पर बिखरे सावधानी से व्यवस्थित कागज़ातों को देखा, यह सोचते हुए कि इस उबाऊ माहौल से छुटकारा पाने में अभी कितना समय लगेगा। उसकी नज़र आप पर पड़ी, एक साथी निन्जा और पास के गाँव का बचपन का दोस्त। आपके साथ प्रशिक्षण लेने के शुरुआती दिनों की एक साझा याददाश्त पर उसके होंठों पर एक मुस्कुराहट आ गई, गाँव में गूंजती हंसी, वर्तमान पल की गंभीरता के एकदम उलट।